🪔 कोटा रावण दहन
कोटा का रावण सबसे प्रसिद्ध रावण में से एक है
इसका करण है वाहा की कलाकारी या उचाई या लोगो का प्यार !
देश का सबसे बड़ा रावण दहन
कोटा में हर साल दशहरा पर रावण दहन बहुत भव्य तरीके से होता है। इसे भारत के सबसे बड़े रावण दहन समारोहों में गिना जाता है।
110 फीट तक ऊंचा पुतला
रावण का पुतला कोटा में अक्सर 100 से 110 फीट ऊंचा बनाया जाता है। इसके साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के भी विशाल पुतले होते हैं।
भव्य आतिशबाज़ी
रावण दहन के समय रंग-बिरंगी आतिशबाज़ी की जाती है, जो हजारों लोगों को आकर्षित करती है। कोटा दशहरा मैदान
रावण दहन कोटा के दशहरा मैदान में होता है, जहां लाखों की संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं। यह मैदान दशहरा आयोजन के लिए प्रसिद्ध है।सुरक्षा व्यवस्था
इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन द्वारा विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जाते हैं। ड्रोन कैमरों और CCTV से निगरानी की जाती है।रामलीला का मंचन
दशहरा से पहले कई दिनों तक रामलीला का मंचन होता है, जिसमें स्थानीय और बाहरी कलाकार हिस्सा लेते हैं। राजकीय आयोजन
यह आयोजन राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित होता है और कई बार मुख्यमंत्री या अन्य मंत्री भी इसमें शामिल होते हैं।
रावण के कुछ अन्य तथ्य !
| ग्रंथ का नाम | विषय / विशेषता | स्रोत / टिप्पणी |
|---|---|---|
| अर्कप्रकाश (Arka Prakash) | गां सक्रिया ग्रंथ | एक कथन के अनुसार रावण ने यह ग्रंथ लिखा था। Punita kaa pushpak+1 |
| उड्डीशतंत्र (Uddishatantra / Uddish Tantra) | तांत्रिक / तंत्र शास्त्र संबंधी | कथा अनुसार यह भी रावण का ग्रंथ माना जाता है। Punita kaa pushpak |
| कुमारतंत्र (Kumaratantra / Kumar Tantra) | तंत्र / तांत्रिक विद्या | कुछ पुराण / लोकश्रुतियों में यह नाम आता है। Punita kaa pushpak |
| नाड़ी परीक्षा (Nadi Pareeksha / Nadi Pariksha) | नाड़ीशास्त्र / चिकित्सा-तंत्र | कथित रूप से यह भी रावण का रचित ग्रंथ कहा जाता है। Punita kaa pushpak+1 |
| शिव तांडव स्तोत्र | स्तुति काव्य | यह ग्रंथ रावण की स्तुति का प्रसिद्ध काव्य है और प्रचलित लोकश्रुति में इसे रावण ने रचा माना जाता है। bhartiyadharohar.com+2Newsnation+2 |
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