📅 तिथि एवं मुहूर्त
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दिवाली (कार्तिक अमावस्या) 20 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी। India TV+2India TV News+2
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अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर की दोपहर 3:44 बजे शुरू होकर 21 अक्टूबर शाम 5:54 बजे तक रहेगी। Hindi Goodreturns+2AajTak+2
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लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त: शाम 7:08 बजे से रात 8:18 बजे तक Hindi Goodreturns+3India TV+3India TV News+3
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इस समय को प्रदोष काल भी माना जाता है (शाम ~5:46 बजे से ~8:18 बजे तक) India TV News+2Hindi Goodreturns+2
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वृषभ काल: शाम 7:08 बजे से रात 9:03 बजे तक India TV News+2Astrobix+2
🛕 पूजाविधि (संक्षिप्त रूप)
नीचे एक सामान्य और पारंपरिक विधि दी गई है, जिसे आप अपनी परंपरा के अनुसार अनुकूलित कर सकते हैं:
स्वच्छता एवं सजावट
पूजास्थल और घर को अच्छी तरह साफ करें। फूल, रंगोली, दीपक आदि से सजाएँ।
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पूजासामग्री
माँ लक्ष्मी एवं गणेश की मूर्ति या चित्र, कलश, अक्षत (चावल), हल्दी, कुंकुम, चंदन, पुष्प, दीपक, धूप, अगरबत्ती, फल, मिठाइयाँ, द्रव्य (द्रव्य‑यात्रा), नयाब बंदर (कुछ लोग धन लक्ष्मी की मुद्रा में करें) आदि। -
संकल्प और मंत्र
संकल्प लें कि आप यह पूजन अपने परिवार, धन-समृद्धि एवं कल्याण हेतु करते हैं।
तत्पश्चात् गणपति और लक्ष्मी का आवाहन करें। -
अर्पण करना
पहले पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) अर्पित करें, फिर पुष्प, अक्षत, चंदन, धूप-दीप आदि पेश करें।
फल, मिठाई एवं अन्य नैवेद्य (भोग) अर्पित करें। -
दीपप्रज्वलन और आरती
दीप जलाएँ, धूप‑अगरबत्ती लगाएँ।
माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की आरती करें। -
प्रसाद वितरण
आरती के बाद प्रसाद वितरण करें एवं देवियों की कृपा हेतु परिवारजनों को प्रसाद दें। -
ध्यान दें
रात 8:18 बजे तक पूजा समापन करें।
यदि संभव हो, पूजन के बाद घर के मुख्य द्वार और मंदिर में नए दीपक रखें।







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